हम सब एक सफर की ओर हैं । फर्क सिर्फ इतना है कि हम में से कुछ लोग जानते हैं कि उन्हें कहाँ पहुंचना है तो कुछ बस बहाव के साथ बहे जा रहे हैं । और फिर आते हैं कुछ एेसे लोग जो सफर भी खुद तय करते हैं और मंजिल भी । एेसे ही शख्स हैं Spectrum Eduventures के Director आयुष भट्ट । जिनका सफर, दरअसल सफर नहीं सपना शुरू होता है पहाड़ों से । सरकारी हिंदी मीडियम स्कूल से एक छोटा सा सपना किस तरह पनपा और किस तरह पूरे उत्तर प्रदेश में रैंक हासिल करने के बाद गुजरा आईआईटी और एनआईटी के गलियारों में, किस तरह लाखों की Job और विदेश में settle होने के प्लान को कहा गुड बाय और तमाम तानों और हंसी ठिठोली के बीच सिर्फ रखा खुद पर विश्वास कि पहाड़ों से पलायन नहीं सपने पलेंगे । और आज Spectrum Eduventures के साथ वो ये सपना पूरा कर रहे हैं ।
सन 2014 में Spectrum Eduventures की नींव पड़ी। ये वो वक़्त था जब लाखों का पैकेज पा रहे आयुष भट्ट ज़िन्दगी को स्टेबल बना चुके थे। और बाकी लोगों की तरह सुकून की ज़िन्दगी जी रहे थे। लेकिन जैसे कि पहले कहा जा चुका है कुछ लोग अपना सफर खुद तय करते हैं और मंज़िल भी। तो बस इसी थ्योरी को आगे बढ़ाते हुए आयुष भट्ट ने बनाया अपना नया सफर। पहाड़ों से पलायन की समस्या कोढ़ की तरह है ऐसे में रिवर्स पलायन वो भी एक आईआईटी ग्रेजुएट युवा का किसी झटके से कम नहीं था। किसी भी बड़े काम की शुरुआत हमेशा से मुश्किल रही है। सो आयुष के लिए भी ये राह आसान नहीं थी। हम सबको बदलाव चाहिये लेकिन चाहते हैं कि बदलाव करने वाला हमेशा पड़ोस वाले घर से हो । लेकिन सबके तानों को धता बताते हुए आयुष ने बढ़ाये अपने कदम शिक्षा के क्षेत्र की ओर।
सन 2014 में Spectrum Eduventures की नींव पड़ी। ये वो वक़्त था जब लाखों का पैकेज पा रहे आयुष भट्ट ज़िन्दगी को स्टेबल बना चुके थे। और बाकी लोगों की तरह सुकून की ज़िन्दगी जी रहे थे। लेकिन जैसे कि पहले कहा जा चुका है कुछ लोग अपना सफर खुद तय करते हैं और मंज़िल भी। तो बस इसी थ्योरी को आगे बढ़ाते हुए आयुष भट्ट ने बनाया अपना नया सफर। पहाड़ों से पलायन की समस्या कोढ़ की तरह है ऐसे में रिवर्स पलायन वो भी एक आईआईटी ग्रेजुएट युवा का किसी झटके से कम नहीं था। किसी भी बड़े काम की शुरुआत हमेशा से मुश्किल रही है। सो आयुष के लिए भी ये राह आसान नहीं थी। हम सबको बदलाव चाहिये लेकिन चाहते हैं कि बदलाव करने वाला हमेशा पड़ोस वाले घर से हो । लेकिन सबके तानों को धता बताते हुए आयुष ने बढ़ाये अपने कदम शिक्षा के क्षेत्र की ओर।
आज आयुष भट्ट अपनी सोच और हिम्मत से युवाओं को प्रेरित कर रहें हैं । शिक्षा आज बाजार का शिकार है । एसे में सच्चे मार्गदर्शन के माध्यम से आज वो पहाड़ों के कोनों कोनों से उन सपनों को उड़ान दे रहे जो सपने देखने की जुर्रत तक नहीं कर पाते । स्पैक्ट्रम वही प्लैटफॉर्म है जिसने आज सपने दिखाए और लगातार सच किये।

Great sir🤗❤️...
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